गंगाजल : नया प्रसाद

चुनाव की तैयारियां चरम पर थीं। विरोधी नेताजी पर रोज नए-नए आरोप लगा रहे थे। कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि कैसे इस चक्रव्यूह से निकलें। पानी की …

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प्रेम कैसे अपराध हो सकता है

भीड़ का अपना चरित्र होता है। वह आसपास अपने जैसे चेहरे-मोहरे देखना पसंद करती है। क्योंकि अलग दिखने और होने वाले लोग उसे खलते हैं। हम तय परिभाषाओं के परकोटे …

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सवर्णों के गुस्से में छुपी लोकतंत्र की जीत

मुर्दा जिस्म सिर्फ श्मशानों के काम आते हैं। जिंदा कौमें अपनी बारी का इंतजार नहीं करती। वह लडऩा जानती है। हार-जीत का सवाल तो कभी रहा ही नहीं। सवाल अपनी …

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रोम-रोम में महाकाल

उज्जैन के रोम-रोम में आज महाकाल समाए हुए हैं। लोगों की चहलकदमी के साथ हर गली, मोहल्ले से चुनिंदा स्वर ही सुनाई दे रहे थे, सवारी मार्ग कहां है या …

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शिक्षक ही असली किताब, पूरी पाठशाला

धार जिले में मांडू रोड पर बगड़ी चौराहे के विपरीत एक गांव है। नाम ठीक से याद नहीं, शायद आली रहा होगा। छोटा सा गांव है, उसमें एक प्राथमिक स्कूल …

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चार मकोड़े

वे चार मकोड़े थे। स्कूल के बाजू वाली सडक़ के किनारे पर टहल रहे थे। कोई इधर जाता, कोई उधर जाता। थोड़ी दौड़ लगाता, फिर रुक जाता। सारे लौटकर आते, …

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आखिर दिल्ली किसकी

कहते हैं कभी दुर्योधन ने खीज मिटाने के लिए पांडवों को खांडव वन दिया था, जिसे उन्होंने इंद्रप्रस्थ बना दिया। कालांतर में वह दिल्ली बनी और वही दिल्ली हजारों वर्षों …

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थोड़ी गलतियां भी हो जाने दो यार

क्वीन एलिजाबेथ बीमार हुई हैं। पहली बार नहीं हुईं, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। सलामती की दुआओं के बीच जो बात सबसे अधिक चौंकाती है, वह उनके शोक की …

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