हर नोट पर सवार हैं अनगिनत सपने

बैंकों में अपनी गाढ़ी कमाई को नई मुद्रा से बदलने के लिए धक्के खा रहे लोग चुप हैं, लेकिन उनके चेहरे बोल रहे हैं। 10.30 बजे खुलने वाली बैंक के …

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