चार मकोड़े

वे चार मकोड़े थे। स्कूल के बाजू वाली सडक़ के किनारे पर टहल रहे थे। कोई इधर जाता, कोई उधर जाता। थोड़ी दौड़ लगाता, फिर रुक जाता। सारे लौटकर आते, …

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जहां कहानी खत्म होती है

वैसे तो अब फिल्मों के सिक्वल बनने लगे हैं, लेकिन पहले जब यह बहुत कम होता था, मैं अक्सर क्लाइमैक्स के बाद के बारे में सोचता था। लगान में भुवन …

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